26 फ़रवरी 2018

COMPOSITION SCHEME IN GST

जीएसटी में कम्पोज़िशन स्कीम 


  • ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर (बिक्री)  1. 5 करोड़ से कम है वे जीएसटी की कम्पोज़िशन में पंजीकरण कर सकते है। 


  • कम्पोजिशन स्कीम में क़्वाटरली (तीन माह ) रिटर्न में सेल्स विवरण देना होता है जिसके लिए फॉर्म  जीएसटी 4 भरा जाता है। 


  • जो व्यापारी कम्पोजिशन स्कीम में पंजीकृत है उनको अपने व्यापार में तिमाही बिक्री का 1 प्रतिशत जीएसटी जमा  करना होता है , जिसमे  . 50 प्रतिशत सेंटर जीएसटी (Cgst ) व  .50 प्रतिशत स्टेट जीएसटी (Sgst ).होता है। 


  • तिमाही Gst अगले महीने की 18 तारीख को ऑनलाइन पोर्टल से जमा करा सकते  है इसके उपरांत जीएसटी जमा करने पर ब्याज व् लेट फीस भी जमा करनी होती है. जैसे अप्रैल से जून की तिमाही रिटर्न जुलाई की 18 तारीख तक भर सकते है। 

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  •  वार्षिक रिटरन अगले वित्तीय वर्ष में ३१ दिसम्बर तक कराना होता है। 


  • इस स्कीम के अंतर्गत व्यापारी  को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता है। यानी व्यापार के लिए जो माल खरीदा जाता है  तो उस बिल में लगे Gst  का क्लेम नहीं ले सकता है।  और न ही बिक्री करते समय बिल में माल के साथ Gst लगा सकते है ।  


  • बिक्री बिल में HSN  कोड की आवश्यक्ता नहीं होती है। 





  • जितना टर्नओवर होगा उसी के अनुसार तिमाही Gst टैक्स जमा करना होता है। 


  • अन्य राज्य में बिक्री नहीं कर सकते है.


  • ऐसे व्यापारी जो वस्तु का निर्माण करते है तो उनको  2 प्रतिशत  (१+१ ) Gst जमा करना होगा। *JAN 2018 SE 1 %GST FOR MANUFACTURER


  •  सेवा के क्षेत्र में   रेस्टोरेंट व्यवसायी  को कम्पोजिट में 5 प्रतिशत Gst  का भुगतान करना होता है.


  • यह आवश्यक नहीं की  1. 5 करोड़ तक के व्यवसाय को कम्पोजिट स्कीम में पंजीकरण करना होगा यदिं व्यापारी चाहे तो रेगुलर स्कीम में भी पंजीकरण करा सकते है.

   

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